लालू को ट्वीट करना पड़ा भारी, ट्रोलिंग के हुए शिकार।

मामला राष्ट्रिय जनता दल कि रैली से जुड़ा है. पटना के गांधी मैदान में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के आह्वान पर ‘भाजपा भगाओ-देश बचाओ’ रैली हुई. बहुत बड़ी संख्या में न सिर्फ बिहार से बल्कि दूसरे राज्यों से भी लोग जुटे. इस मौके पर लालू यादव का पूरा परिवार मंच पर मौजूद रहा. इसके अलावा रैली में अखिलेश यादव, बाबू लाल मरांडी, शरद यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी, गुलाम नबी आजाद, डी राजा भी मंच पर उपस्थित रहे.

बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ‘देश बचाओ-भाजपा भगाओ रैली’ हुई । राजद की इस रैली में राजद प्रमुख लालू यादव के परिवार के अलावा जेडीयू से बागी हुए राज्यसभा सांसद शरद यादव , अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, झारखण्ड के पूर्वमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ,एनसीपी के तारिक अनवर, सीपीआई नेता डी राजा मंच पर मौजूद हैं । लेकिन मंच पर ना कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी दिखी ना ही राहुल गाँधी । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने ऐन वक्त पर रैली से खुद अलग कर लालू को चौंका दिया ।

इस रैली में शामिल होने की गाज शरद यादव पर गिरी । जेडीयू के महासचिव के सी त्यागी ने कहा की शरद यादव का अब पार्टी से कोई भी रिश्ता नहीं रहा और उनका मामला अनुशासन समिति देख रही है ।

लालू यादव ने कहा:

नीतीश कुमार को है तेजस्वी से जलन ।
जगजीवन राम की बेटी को राष्ट्रपति नहीं बनने दिया नीतीश ने ।
बिहार के सब नेता मेरा प्रोडक्ट है ।
शरद यादव ने नीतीश कुमार को अंगुली पकड़ कर राजनीति सिखाई । शरद यादव ने अटल सरकार मेंनीतीश कुमार को केंद्रीय मंत्री बनवाया था ।
नीतीश जब बीमार पड़े, तो समझ लेना कि कोई गड़बड़ है ।
नीतीश कुमार की ये आखिरी पलटी है.नीतीश कुमार पर अब कोई भी पार्टी भरोसा नहीं करेगी ।
नीतीश कुमार के इशारे पर मेरे घर और परिवार पर सीबीआई का छापा पड़ा ।

मैंने कई लोगों को मुख्यमंत्री बनाया, कई लोगों को सांसद, नेता बनाया, लेकिन कभी खुद कुर्सी पर बैठने की लालसा नहीं रखीं ।
आजादी के 70 वर्ष के बाद भी पानी में डूबने से 440 लोगों की मौत हो गई ।
जिन लोगों ने बिहार में गठबंधन तोड़ा है, मैं उन्हें संदेश देना चाहता हूं कि देश के अंदर 125 करोड़ लोगों का गठबंधन बनेगा ।
पीएम मोदी ने 500 करोड़ रुपये दिए जबकि मनमोहन सिंह की नेतृत्व वाली सरकार ने 1100 करोड़ रुपये दिए थे।

ममता बनर्जी ने कहा :

लालू यादव के साथ देश की सभी विपक्षी पार्टियां खड़ी है ।
केंद्र सरकार लालू यादव को CBI का खौफ दिखा रही है ।
आज भारत में एक ऐसी सरकार है, जो कहती है कि कोई भी थोड़ी सी आवाज निकाले तो उसे जेल में ठूंस दो।
मोदी सरकार सभी मोर्चे पर विफल ।

राबड़ी देवी ने कहा:

नीतीश में हिम्मत है तो वह अकेले चुनाव लड़ कर दिखा दें ।
बीजेपी देश को तोड़ने का काम कर रही है ।
तेजप्रताप और तेजस्वी यादव पर झूठे केस करवाए गए ।
नीतीश कुमार कुर्सी के लिए लालची है ।

तेजस्वी यादव ने कहा

असली जेडीयू हमारे चाचा शरद यादव की है।
नीतीश 28 साल के नौजवान से डर गए ।
सृजन घोटाले में बीजेपी और जेडीयू के लोग शामिल है । तेजस्वी तो बहाना था, उन्हें तो सृजन घोटाला छुपाना था ।
ऐसा कोई सगा नहीं, जिसको नीतीशजी ने ठगा नहीं ।

तेजप्रताप यादव ने कहा

तेजप्रताप यादव ने पटना रैली में किया शंखनाद।
बीजेपी का कोई नेता शंखनाद किया तो हार्टअटैक आ जायेगा ।
रातों-रात नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी बियाह कर लेते हैं ।
मैं इस लड़ाई में कृष्ण की भूमिका में रहूँगा और मेरा भाई अर्जुन की भूमिका में ।
जब हम भागलपुर गए थे, तो हमसे डरकर सरकार ने धारा-144 लागू कर दी ।

आजकल राजनीति में ट्वीटर का बढ़ता इस्तेमाल होते देख लालू जी कहाँ पीछे रहने वाले थे. लालू प्रसाद यादव ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से रैली की पल-पल की जानकारी दी. परन्तु एक अपडेट लालू को भारी पड़ गया. लालू प्रसाद यादव ने एक फोटो के जरिये इस रैली में भीड़ की तस्वीर शेयर की, जिसमे पूरा मैदान भीड़ से खचाखच भरा दिख रहा है.

पोस्ट करते हुए लालू यादव ने रैली को सफल करार दिया और ट्वीट कर कहा- ‘लालू यादव के आगे कोई चेहरा खड़ा नहीं होता. आईये और गिनती कीजिए यहां गांधी मैदान में.’ इसी को ले कर लालू को ट्रोल किया जाने लगा और रैली में भीड़ की तस्वीर को लेकर लालू से सवाल किये जाने लगे. यूजर्स इसे फोटोशॉप का कमाल बता रहे हैं.

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