क्या महँगाई कर देगी त्योहारों का रंग फीका

कुछ ही महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से तो जनता पहले से ही जूझ रही थी, वहीं दिवाली से ठीक पहले दाल से लेकर ड्राई फ्रूट्स में आई महंगाई ने उनकी चिंता बढ़ा दी है.


नवरात्रि और दिवाली से ठीक पहले दिखने वाली रंगत बाजारों से गायब है. लोगों का कहना है कि महंगाई की वजह से घर के बजट में कटौती करनी पड़ रही है. आजतक की टीम ने महंगाई की जमीनी हकीकत का खुद पता लगाने का फैसला किया और पुरानी दिल्ली के अनाज एवं ड्राई फ्रूट बाजार पहुंची. किराने के थोक और फुटकर व्यापारी शांतिलाल बंसल का कहना है कि जीएसटी के पहले रोजाना 20 हजार की सेल थी, लेकिन वह अब घटकर 7 हजार तक रह गयी है.


शांतिलाल का कहना है कि महंगाई के कारण लोगों ने खरीददारी में बड़ी कटौती करनी शुरू कर दी है.
शांतिलाल कहते हैं, “पहले इस समय तक दिवाली का सीजन शुरू हो जाता था, लेकिन इस बार अब तक दुकानदारी बेहद कम है. शांतिलाल के मुताबिक त्यौहार का वक्त नजदीक है और ड्राई फ्रूट की कीमतें 100 रुपए प्रति किलो तक बढ़ चुकी हैं. जिसका सेल पर सीधा असर पड़ा है.”


आजतक ने इस दौरान घर में रोजाना इस्तेमाल होने वाली कुछ अहम चीजों की कीमतें पता कीं, जो इस तरह हैं -:
अरहर (तुअर) दाल – अगस्त में 75 रुपए प्रति किलो, सितंबर में 85 रुपए प्रति किलो
चना दाल – अगस्त में 72 रुपये प्रति किलो, सितंबर में 90 रुपये प्रति किलो
मूंग दाल – अगस्त में 80 रुपये प्रति किलो, सितंबर से 85 रुपये प्रति किलो
चावल – अगस्त में 40 रुपये प्रति किलो, सितंबर में 48 रुपये प्रति किलो
आटा – अगस्त में 26 रुपये प्रति किलो, सितंबर में 28 रुपये प्रति किलो
घी – अगस्त 410 रुपये प्रति किलो, सितंबर में 450 रुपये प्रति किलो
दुकानदारों के मुताबिक चीनी की कीमतों में खास इजाफा नहीं हुआ है. लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद ड्राई फ्रूट्स का बाजार मंदा पड़ गया है. आइए आपको बताते हैं अगस्त और सितंबर के बीच ड्राई फ्रूट्स के दाम ने किस तरह उछाल मारी -:
बादाम – अगस्त में 600 रुपये प्रति किलो, सितम्बर में 720 रुपये प्रति किलो


काजू – अगस्त में 800 रुपये प्रति किलो, सितंबर में 915 रुपये प्रति किलो
नारियल का गोला – अगस्त में 130 रुपये, सितम्बर में 220 रुपये
पुरानी दिल्ली में लंबे समय से घी का व्यवसाय कर रहे पार्थ ने बताया कि जीएसटी से पहले 1 किलो घी का दाम 410 रुपए के आसपास था, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद घी की कीमतें उछलकर 450 रुपए तक पहुंच चुकी हैं. आपको बता दें कि जीएसटी से पहले घी पर टैक्स 5 फीसदी था, जो जीएसटी लागू होने के बाद 12% हो गया है.
पार्थ बताते हैं, “दाम बढ़ने से सेल पर असर हो रहा है. ग्राहक महंगी चीजें खरीदने से झिझक रहे हैं. पार्थ के मुताबिक नवरात्रि के बाद दिवाली आने वाला है लेकिन जिस तरह की भीड़ बाजार में होती है वो गायब है. आम लोगों के अलावा हलवाई भी अब घी की उतनी खपत नहीं कर पा रहे. जीएसटी और नोटबंदी के चलते आम आदमी की क्रय शक्ति कम हुई है.”
चिराग दिल्ली में रहने वाला दुबे परिवार घर के लिए किराना और ड्राई फ्रूट्स खरीदने अक्सर पुरानी दिल्ली आता रहता है. गीता दुबे बताती हैं, “सिर्फ किराने का बजट हर महीने 2 से 3 हजार रुपए बढ़ गया है. तेल ,चावल, दाल काफी महंगा हो गया है, लेकिन खाने-पीने की चीजों में कटौती करना मुश्किल है.”
उनका कहना है कि 10 हजार का बजट अब 15 हजार तक पहुंच गया है. वहीं मयूर विहार में रहने वाली नविता के मुताबिक उनके घर के बजट में खास फर्क नही पड़ा है. महंगाई से निपटने के सवाल पर नविता कहती हैं कि कभी-खुशी कभी-गम तो हर सरकार में होता है.

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