एम्स के डॉक्टर्स ने दिया नई वेंटिलेटर टेक्नॉलजी को जन्म

एम्स के डॉक्टर्स ने विज्ञान के क्षेत्र में बड़ा ओर सफल कारनामा कर दिखाया है. उन्होंने एक ऐसा वेंटिलेटर तैयार किया है जिसे जेब में रखा जा सकता है. ये वेंटिलेटर दुनिया का सबसे छोटा वेंटिलेटर है. इसे ‘ए सेट रोबोटिक्स’ के प्रमुख दिवाकर वैश्य ने बनाया है.

इसके लिए ऑक्स‍िजन सिलेंडर की जरूरत नहीं होगी. इसे साधारण आदमी भी खरीद सकता है. इसकी कीमत 15-20 हजार रुपये निर्धारित की गई है. यह दुनिया का सबसे छोटा वेंटिलेटर है और इसके पेटेंट की तैयारी की जा रही है.

इससे पहले दिवाकर वैश्य ने विज्ञान के कई अविष्कार दुनिया के सामने प्रस्तुत कर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इससे पहले उन्होंने माइंड से कंट्रोल होने वाली वील चेयर, थ्री डी प्रिंटेड रोबोट्स और डांसिंग रोबोट्स आदि बना चुके हैं. डॉक्टर दिवाकर के अनुसार दुनिया का सबसे छोटा वेंटिलेटर चलाना बहुत आसान है और इसे कोई भी अपनी आवश्यकता के अनुसार घर पर भी उपयोग कर सकता है.

जिन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होती है, उनके गले में एक स्थाई ट्यूब डाली जाती है. इसी ट्यूब को पोर्टेबल वेंटिलेटर से जोड़ दिया जाता है. यह बिजली से चलता है. वेंटिलेटर में लगे प्रेशर सेंसर से मरीज जरूरत के अनुसार सांस लेता और छोड़ता है.

इस वेंटिलेटर के आने के बाद अब उन मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है, जो लंबे समय से वेंटिलेटर पर हैं. कृत्रिम सांस की वजह से होने वाली मौतों में भी काफी कमी आएगी.

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