करने वाले थे उद्घाटन पर पहले ही बह गया उम्मीदों का बाँध

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी गंगा पंपनहर परियोजना के कैनाल की दीवार उद्घाटन के एक दिन पहले ही ध्वस्त हो गई। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी और करीब चार दशकों से लंबित बटेश्वर स्थान गंगा पंपनहर परियोजना के कैनाल की दीवार उद्घाटन के पहले ही मंगलवार शाम को ध्वस्त हो गई। आरजेडी ने इसे घोटाला करार दिया है।

आज सीएम नीतीश कुमार इस परियोजना का उद्घाटन करने वाले थे, लेकिन उनका दौरा रद्द हो गया। पानी से लबालब भरे नहर की दीवार टूटते ही एनटीपीसी के आवासीय प्रक्षेत्र में बाढ़ जैसा नजारा हो गया। इस कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बुधवार को सिंचाई परियोजना के उद्घाटन का कार्यक्रम रद्द हो गया तथा सारी तैयारी धरी की धरी रह गई।

पानी के तेज बहाव के कारण एनटीपीसी कॉलोनी में अफरातफरी मच गई तथा लोग दहशतजदा हो गये। पिछले चार दशकों से हरित क्रांति का सपना संजोये क्षेत्र के किसानों की आशा पर भी पानी फिर गया। उद्घाटन को लेकर सोमवार से सिंचाई परियोजना के मोटर पंपों का ट्रायल किया जा रहा था। बारी-बारी से मोटर पंप चलाये जा रहे थे। सोमवार को महज दो मोटर पंपों को कुछ घंटों तक चलाया गया लेकिन मंगलवार को ट्रायल रन के क्रम में मोटर पंपों की संख्या बढ़ा दी गई तथा चार मोटर पंपो से नहर में पानी गिराया जाने लगा। इससे नहर पानी से लबालब भर गया।

जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरूण कुमार सिंह, जिलाधिकारी आदेश तितरमारे, एसएसपी मनोज कुमार तथा अन्य वरीय अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। देर रात उक्त स्थल के पास बालू भरे जियो बैग डालकर पानी के बहाव रोकने का प्रयास किया जा रहा था।

नहर की परियोजना सबसे पहले 1980 में शुरू हुई थी।
इस पूरी योजना के लिए 829 करोड़ रुपये की राशि तय की गई थी।
इनमें से 389 करोड़ प्रशासनिक सिक्योरिटी के रूप में रिलीज किया जा चुका है।
नहर की कुल लंबाई 17 किलोमीटर है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहर का उद्घाटन करने वाले थे।
अभी तक कुल 8 किलोमीटर नहर का काम पूरा हो गया था। अभी भी नहर का 9 किलोमीटर काम बाकी है।

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