देश के बारे में जो ना सोचे उसका सब ले लो, देश सिर्फ़ देने के लिए नहीं है हाई कोर्ट

हरियाणा हाई कोर्ट ने बॉक्सर वीजेंद्र सिंह के प्रोफेशनल बॉक्सिंग का हिस्सा बन जाने पर हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी की है कि जो लोग देश के लिए नहीं साेचते हैं उनका पुरस्‍कार, नौकरी और पैसा सब ले लिया जाना चाहिए। हमें यह सोचना चाहिए कि हमने देश को क्या दिया। बजाय यह सोचने के कि देश ने हमें क्या दिया।

यह मामला विजेंद्र सिंह के पैसा कमाने के लिए प्रोफेशनल मुक्केबाजी में उतरने के लिए विदेशी कंपनी से करार की खबरों पर संज्ञान का है। इसके साथ ही एक अन्य केस विजेंद्र सिंह द्वारा छुट्टी लेकर खेलने का है।

हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश बिंदल ने बाॅक्सर कहा विजेंद्र सिंह के ज्‍यादा पैसा कमाने के लिए प्रोफेशनल मुक्केबाजी में उतरने के लिए विदेशी कंपनी से करार करने की खबरों पर संज्ञान लिया हुआ है। हाईकोर्ट ने अपने संज्ञान में कहा है कि विजेंद्र सिंह के इस फैसले से देश के लाखों खेल प्रेमी का दिल टूट गया। हाईकोर्ट ने इस कथन का हवाला दिया कि यह नहीं सोचना चाहिए कि देश ने हमें क्या दिया बल्कि यह सोचना चाहिए कि हमने देश के लिए क्या किया।

खिलाड़ी देश के करदाताओं के पैसे से अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण लेते हैं, सरकार इन पर पैसा खर्च करती है। जब ये खिलाड़ी पदक लाने के योग्य होते हैं तो देश को छोड़ कर अपने और पैसे के लिए प्रोफेशनल तौर पर खेलने लग जाते हैं।

सरकार ऐसे खिलाडिय़ों को सरकारी नौकरी, पैसा, प्लाट सब कुछ देती है। वे सरकारी नौकरी में रहने के दौरान कई तरह के विज्ञापन में रोज नजर आते हैं और लाखों रुपये कमाते हैं। आखिर, सरकार इस पर नजर क्यों नहीं रखती। सरकार को चाहिए कि जो खिलाड़ी यह सब लाभ देने के बाद देश के लिए खेलना छोड़ देते हैं उनको दिए गए सभी लाभ पुरस्‍कार, नौकरी, पैसा या प्लाट सब कुछ वापस ले ले।

 

 

 

 

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