जयपुर के डॉक्टरो ने ऐसा क्या किया नाक के साथ की गिनीज़ बुक में हो गया इनका नाम दर्ज

 

पिंक सिटी के छात्रों ने शुक्रवार को नाक से ऐसा बड़ा कारनामा किया जिससे छात्रों के ग्रुप का नाम गिनीज बुक वर्ल्‍ड रिकॉडर्स में दर्ज हो गया. जिसके बाद छात्रों के की ख़ुशी उनके चेहरों से ज़ाहिर थी

छात्रों ने नस्य कर्म कर ये रेकॉर्ड अपने नाम किया है छात्रों ने संस्‍थान में सुबह 9.20 बजे से 9.28 बजे तक नस्‍य क्रिया करने पर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉडर्स  में अपना नाम दर्ज करवाया है वर्ल्ड रिकॉडर्स टीम के सदस्‍यों ने विश्‍व रिकॉर्ड बनाने पर संस्‍थान के निदेशक डॉ. संजीव शर्मा को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र दिया.

नस्य कर्म एक ऐसी क्रिया है जिस क्रिया का मुख्य प्रभाव शरीर को स्वस्थ रखने के अलावा गले से ऊपर होने वाले रोगों में होता है. गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में किए गए नस्य कर्म में पहले दशमूल तेल के माध्‍यम से संपूर्ण मुख प्रवेश कराया गया. इसके बाद हस्त स्वेद विधि से सेक देकर अणुतैल नस्य की 2-2 बुंदे दोनों नासापुटो में डाली गई. पंचकर्म से इलाज की इस विधि से नाक में दो बूंद तेल या घी की डालकर सर्दी, जुकाम, अस्थमा जैसी बीमारी का इलाज किया जाता है.

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कुल 1564 प्रतिभागियों ने भाग लिया.

 

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