संजय को अपने पिता से इस बात पर पड़े थे जूते

संजय दत्त की हाल ही मैं फ़िल्म भूमि रीलिज हुई है उन्होंने  अपने एक इंटर्व्यू में महिला सशक्तीकरण पर अपनी बात  रखते हुए कहा हैं.कि एक तरफ़ दुर्गा, काली और लक्ष्मी की पूजा की जाती है तो वहीं, दूसरी तरफ़ महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाएं तेज़ी से बढ़ रही हैं.

दिल्ली के निर्भया बलात्कार मामले को याद करते हुए संजय दत्त कहते हैं, “इससे बड़ा और बुरा केस नहीं सुना था. मैं 10 दिन तक सोया नहीं था. नैना पुजारी रेप और मर्डर केस सुनकर मैं हिल गया था. मेरे हिसाब से निर्भया को न्याय नहीं मिला है क्योंकि एक अपराधी नाबालिग था तो कहां से हुआ पूरा न्याय?”

संजय दत्त ने बताया जब उन्होंने पहली बार छिपकर बाथरूम में सिगरेट पी थी तब अचानक से पिता सुनील दत्त आ गए और उन्हें उनके इस व्यवहार के लिए उन्हें जूते पड़े थे.

पिता की तरह समाजसेवा में विश्वास रखने वाले संजय दत्त अब श्री श्री रवि शंकर के साथ मिलकर भारत को नशे से मुक्त करने का आंदोलन शुरू करने वाले हैं ताकि आने वाली पीढ़ी को नशीली दवाओं से दूर रखा जा सके.

 

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