ट्रेन में होते है अलग अलग हॉर्न , जानिए कैसे करते है काम

ट्रेन में सफ़र तो आपने किया होगा पर रोचक बात ये है की हमने कभी ट्रेन के हॉर्न पर ग़ौर नहीं किया कभी ट्रेन एक लंबा हॉर्न बजाती है तो कभी रूक-रूक कर। क्या आप जानते हैं कि ट्रेन इस तरह से हॉर्न बजाने के पीछे क्या राज है आइए जानते है

वन शॉर्ट हॉर्न इसका मतलब होता है कि ट्रेन का यार्ड में जाने का समय आ गया है और उसे अगली यात्रा के लिए ट्रेन की सफाई करने का समय आ गया है।

टू शॉर्ट हॉर्न आप जब ट्रेन में यात्रा शुरू करते हैं ते आपने सुना होगा कि ट्रेन चलने से पहले दो छोटी सीटियां बजाती है। इसका मतलब ये होता है कि ट्रेन यात्रा करने के लिए तैयार है।

थ्री स्मॉल हार्न ये हॉर्न बहुत ही कम केस में बजाया जाता है। इस हॉन को मोटरमेन द्वारा दबाया जाता है इसका मतलब होता है कि मोटरमेन का मोटर से कंट्रोल खत्म हो गया है। इस हॉर्न से पीछे बैठे गार्ड को निर्देश दिया जाता है कि वो वैक्यूम ब्रेक लगाए। ये काफी इमरजेंसी वाली सिचुएशन में ही यूज किया जाता है जब इंजन पर कंट्रोल खो दिया जाता है


ट्रेन अगर चार हॉर्न दे तो इसका मतलब होता है कि ट्रेन में टेक्नीकल खराबी है और ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकती।

थ्री लॉन्ग और टू शॉर्ट हॉर्न इस हॉर्न में तीन बार लंबा हॉर्न तथा दो बार छोटा हॉर्न बजाया जाता है। इसे मोटरमैन द्वारा बजाया जाता है जो गार्ड के लिए होता हैं।

लगातार बजने वाला हॉर्न जब भी कोई इंजन लगातार हॉर्न बजाता है तो इसका मतलब होता है कि ट्रेन स्टेशन पर रूकेगी नहीं। ये यात्रियों के लिए होता है ताकि वे जान सके कि ट्रेन इस स्टेशन पर रूकेगी नहीं।

दो बार रूककर हॉर्न ये हॉर्न रेल्वे क्रासिंग के पास बजाया जाता है ताकि वहां खड़े लोगों को संकेत मिले और वे रेल्वे लाइन से दूर हट जाए।

दो लंबे और एक छोटे हॉर्न इस हॉर्न का प्रयोग उस समय होता है जब ट्रेन, ट्रैक चेंज करती है।

छः बार छोटे हॉर्न इस हॉर्न का प्रयोग उस समय किया जाता है। जब ट्रेन किसी मुसीबत में होती है।

 

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